जोसफ बर्नाड नई दिल्ली ।। कहा जाता है कि 'भारत गरीबों का देश है, मगर यहां दुनिया के बड़े अमीर बसते हैं।' यह बात स्विस बैंक की एक चिट्ठी ने साबित कर दी है। काफी गुजारिश के बाद स्विस बैंक असोसिएशन ने इस बात का खुलासा किया है कि उसके बैंकों में किस देश के लोगों का कितना धन जमा है। इसमें भारतीयों ने बाजी मारी है। इस मामले में भारतीय अव्वल हैं। भारतीयों के कुल 65,223 अरब रुपये जमा है। दूसरे नंबर पर रूस है जिनके लोगों के करीब 21,235 अरब रुपये जमा है। हमारा पड़ोसी चीन पांचवें स्थान हैं, उसके मात्र 2154 अरब रुपये जमा है। भारतीयों का जितना धन स्विस बैंक में जमा है, तकनीकी रूप से वह हमारे जीडीपी का 6 गुना है। सरकार पर दबाव है और कोशिशें भी जारी है कि इस धन को वापस देश में लाया जाए। तकनीकी रूप से यह ब्लैक मनी है। अगर यह धन देश में वापस आ गया तो देश की इकोनॉमी और आम आदमी की बल्ले-बल्ले हो सकती है। कर्ज नहीं लेना पड़ेगा प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक भारत को अपने देश के लोगों का पेट भरने और देश को चलाने के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ता है। यही कारण है कि जहां एक तरफ प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है, वही दूसरी तरफ प्रति भारतीय पर कर्ज भी बढ़ता है। अगर स्विस बैंकों में जमा ब्लैक मनी का पहले चरण में 30 से 40 पर्सेंट भी देश में आ गया तो हमें कर्ज के लिए आईएमएफ या विश्व बैंक के सामने हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे। धन की कमी स्विस बैंक में जमा धन पूरा करेगा। 30 साल का बजट बिना टैक्स के स्विस बैंकों में भारतीयों का जितना ब्लैक मनी जमा है, अगर वह सारी राशि भारत को मिल जाती है तो भारत देश को चलाने के लिए बनाया जाने वाला बजट बिना टैक्स के 30 साल के लिए बना सकता है। यानी बजट ऐसा होगा कि जिसमें कोई टैक्स नहीं होगा। आम आदमी को इनकम टैक्स नहीं देना होगा और किसी भी वस्तु पर कस्टम या सेल टैक्स नहीं देना होगा। सभी गांव जुड़ेंगे सड़कों से सरकार सभी गांवों को सड़कों से जोड़ना चाहती है। इसके लिए 40 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। मगर सरकार के पास इतना धन कहां हैं। अगर स्विस बैंक से ब्लैक मनी वापस आ गया तो हर गांव के पास एक ही चार लेन की सड़क बन सकती है। कोई बेरोजगार नहीं देश में कोई भी बेरोजगार नहीं रहेगा। जितना धन स्विस बैंक में भारतीयों का जमा है, उससे उसका 30 पर्सेंट भी देश को मिल जाए तो करीब 20 करोड़ नई नौकरियां पैदा की जा सकती है। 50 पर्सेंट धन मिलेगा तो 30 करोड़ नौकरियां मार्केट में आ सकती हैं। देश से गरीबी गायब अमेरिकी एक्सपर्ट का अनुमान है कि स्विस बैंकों में भारतीयों का जितना धन जमा है, अगर वह उसका 50 पर्सेंट भी भारत को मिल गया तो हर साल प्रत्येक भारतीय को 2000 रुपये मुफ्त में दिए जा सकते हैं। यह सिलसिला 30 साल तक जारी रहा सकता है। यानी देश में गरीबी दूर हो जाएगी। Last edited: 17-Nov-10 07:34 PM Last edited: 17-Nov-10 07:35 PM
_____ · Nov 17, 2010 7:12 PM · 11,708 views
Are u a dhoti? please...don't post dhoti things in sajha..it's ours.
bhustighre · Nov 17, 2010 9:59 PM
Just presenting the discrepancy or the gap between haves and have not of our neighboring country.I found it informative than rest blogs created this week. It is Geo-political concern for investment. Last edited: 19-Nov-10 08:13 AM
Bhojpure01 · Nov 17, 2010 10:21 PM
bhustighre,Not to offend you, but I do not resist criticizing dump (apologize for using such word, but could not figure out the best syn-for you) people like you. In this 21st century you are simply stuck in racism. Forget every thing, just begin thinking about Nepalese dependence to India. How could you be so stupid so lambast India? I know there are differences among our understanding and bearing capacity, but you cannot deny how dependent we are on India. This truth cannot be hidden. At least dont ask people to put their view on SAJHA. However, logically you can argue how important or useless that was in this forum. Any way, try being pragmatic and critisize critically. Not on the basis of biasness. I appreciate ________for putting up this thread. I was not fully aware of Indian having such a stock-pile of money. Disregarding the source of income............Indian still proved to be superior in making money. I wish Nepalese people would be in the top list of people hiding their money in SWISS bank. This statistics not only reflect rapid economic growth of Indian, but also the fear of investment in SE asia.
lutee_bahun · Nov 17, 2010 11:34 PM
This conversation is preserved exactly as it was on the original Sajha.com and can't accept new replies.
Start a New Discussion