पीड़िता, जिसका अपहरण करने की कोशिश हुई थी। भोपाल। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर चुकी एक स्टूडेंट को फेसबुक में एक लड़के से दोस्ती बहुत महंगी पड़ गई। पिछले दिनों उसके अपहरण की कोशिश हुई लेकिन उसने चलती कार से कूदकर खुद को बचाया । आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन फेसबुक की फ्रेंडशिप को रियल करने के खतरे क्या हैं, जानिए उसी पीड़ित लड़की की जुबानी.... फेसबुक स्टेट्स देखकर इम्प्रेस हुई थी लड़की.. चार साल पहले आमिर ने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। उसका फेसबुक स्टेटस देखकर इंप्रेस हो गई। लिखा था, बी ऑलवेज कमिटेड टू ईच अदर। बेहद संजीदा सा लड़का लगा। स्मार्ट, गुडलुकिंग और हैंडसम तो था ही। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। पहले नए दोस्तों की तरह बातें हुईं, फिर हमने अपने फोन नंबर शेयर किए। वह खुद को बीई स्टूडेंट और उभरता मॉडल बताता था। उसने मिलने की पेशकश रखी और मैं मान गई। फिर हम अकसर मिलने लगे। (ठंडी सांस खींचती है...) मुझे उससे मिलना ही नहीं चाहिए था, तो आज यह नौबत नहीं आती। वह हमेशा मेरी बहुत केयर करने की दलीलें देता था। लड़कों की चालाकियां बता कर मुझे बच कर रहने की नसीहतें देता था। मैं उसे अच्छा लड़का समझने लगी थी। शायद उसके जाल में फंसती जा रही थी। मैं अच्छे परिवार से हूं। भोपाल आई थी करियर बनाने का सपना लेकर। पापा शहडोल में माइिनंग सुपरवाइजर हैं। मम्मी हाउसवाइफ। दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो गई। भाई भोपाल में ही बीई कर रहा है। पहले की दोस्ती फिर ठगने लगा पैसे वह मुझे अपने घर भी ले गया। उसके पिता सरकारी कर्मचारी हैं। माता-पिता की भी हिंदू-मुस्लिम शादी है। धीरे धीरे इनकी असलियत तब सामने आने लगी, जब आमिर ने मुझसे पैसे उधार मांगने शुरू किए। जरूरी काम कह कर पांच हजार रुपए मांगे, कहा कल दे दूंगा। लेकिन वो कल कभी नहीं आया। फिर एक, दो हजार अकसर मांगने लगा। एकाध बार कुछ पैसे लौटाए भी। कभी बाइक खरीदने तो कभी मुझसे शादी करने के लिए लाखों की मांग तक होने लगी। उसकी मां भी पैसे लाने को कहने लगीं। 250 से ज्यादा गर्लफ्रेंड हैं लड़के की पिछले साल उसने राज्य ओपन स्कूल से 12वीं का फार्म भरा। तब पता चला कि यह तो दसवीं पास है। तभी से मैंने उससे दूरियां बनानी शुरू कर दीं। पर वह मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा था। मुझे हर जगह बदनाम करने पहुंच जाता था। पता चला कि उसकी 250 से ज्यादा गर्लफ्रेंड हैं। लड़कियों को फांसने के लिए दिल्ली, राजस्थान, गुजरात तक जाता है। मैंने उसका फोन हासिल किया और उसका कार्ड डिस्ट्राॅय कर दिया। उसमें मेरी कुछ तस्वीरें थीं, जिनका वह गलत इस्तेमाल कर सकता था। (चेहरे पर तसल्ली साफ नजर आ रही थी) वह जान गया मैं उसके झांसे में नहीं आने वाली। घटना वाले दिन भी आमिर अपने दोस्त के साथ होस्टल के सामने कार लेकर आया था। उसका दोस्त तैय्यब भी उसके ही जैसा है। अन्य दो अनजान लड़के थे कार में। ये लोग सारे समय एमपी नगर के होस्टलों के चक्कर लगाते हैं। अच्छी लड़कियों पर नजर रखते हैं फिर उन्हें फंसाते हैं। इनकी मां भी इनका साथ देती है। अब सोचती हूं कि, हम लड़कियों को ऐसे आवारा लड़कों से सतर्क रहना चाहिए जो खुद को एक्स्ट्रा सिंसियर और केयरिंग बताते हैं और दूसरे लड़कों की बुराईयां गिनाते हैं। दरअसल ये इनकी फ्लर्टिंग ट्रिक्स होती हैं।
cybernepali · Apr 14, 2016 10:45 AM · 2,799 views
dhoka kath ko thiyo ki falam ko?
bhetghat · Apr 14, 2016 11:11 AM
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