जो रजोगुण का आश्रय लेकर संसार की सृष्टि करते हैं, सत्त्वगुण से सम्पन्न हो सातो भुवनों का धारण- पोषण करते हैं, तमोगुण युक्त हो सबका संहार करते हैं तथा त्रिगुणमयी माया को लाँघकर अपने शुद्ध स्वरुप में स्थित रहते हैं, उन सत्यानन्दस्वरूप, अनन्त बोधमय, निर्मल एवं पूर्ण ब्रम्ह महादेव का हम ध्यान करते हैं। वे ही सृष्टि काल में ब्रम्हा, पालन के समय विष्णु और संहार काल में रूद्र नाम धारण करते हैं तथा सदैव सात्त्विक भाव अपनाने से ही प्राप्त होते हैं। "महादेव"
columbiauniversity · Mar 10, 2016 1:17 PM · 120 views
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