महादेव वो है जो नही है और जो नही है वो महादेव है ! वो अजन्मे है ,उनका न आदि है ना आंत है , वो विद्याओ के तीरथ है अविनाशी है विश्वनाथ है कालोपृ है , पंचमहाभूतों के नाथ बूथनाथ है ,कैलाशपति है किन्तु सारा संसार उनका निवास्थान है , सर्वयापि है वो ,सभी कारणों के मुख कारण है ,महायोगी है वैरागी है ,निराकार है वो निर्गुण है वो ,गांधार है वो,चन्दरशेखेर भी वही है ,त्रिलोचन है वो और नटराज भी वही है ,कर्पूर के सामान गोर वान है उनका ,नीलकंठ है वो सर्प उनका कंठ हार ,रुद्राक्ष आभूषण ,हाथ त्रिशूल शरीर पर भसम, नेत्रों में परमानन्द और मुख पर भोलापन ,सुंदरता की परिभाषा है वो , और आकर्षण की पराकाष्टा ,जीव है वो भर्म है वो ,सम्पूर्ण जगत है ,निराजन है वो ,विक्राल्काल है वो , वो ही एक लघुबल है ,वो ही अमर है और वही प्रतीक मृत्यु में मरते भी है ,महा पर्वत है वो और सुखसंश्रितरण भी वही है ,पृथ्वी वो है आकाश वो है ,बंधन वो है और मुक्ति भी वही है ,ज्ञान है और ज्ञान भी ,प्रकाश है अन्धकार है ,दुविधा है वो और निर्णय भी वही है ,शांति वो है और समस्त आशांति भी वही है ,वही भ्रमा है वो और वही नारायण ,वही है देवो के देव महादेव
columbiauniversity · Mar 10, 2016 1:11 PM · 192 views
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